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सवैये, कवित्त -पद्यांशों की सन्दर्भ-सहित व्याख्या | UP Board Class 10

पद्यांश 1 शब्दार्थ– धूरि-धूल, सोभित-सुन्दर लगना, सुशोभित होना; स्यामजू श्रीकृष्ण; खेलत-खेलते हुए, पग-पैर, पैंजनि-पायल; पीरी-पीली; कछोटी-कच्छा; बिलोकत-देखते हैं; वारत-न्योछावर; काम-कामदेव;

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धनुष-भंग, वन-पथ पर -पद्यांशों की सन्दर्भ-सहित व्याख्या । Class 10

पद्यांश 1 शब्दार्थ– पुर-महुल, निकसी निकली; मग रास्ताः द्वै-दो; मरि-पूरेः भाल-माथाः कनी-कण, बूँदः पुट कोमलः मधुराधर होंठ, फिरि-फिर; दूझति-पूछती; केतिक

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