सवैये, कवित्त -पद्यांशों की सन्दर्भ-सहित व्याख्या | UP Board Class 10
पद्यांश 1 शब्दार्थ– धूरि-धूल, सोभित-सुन्दर लगना, सुशोभित होना; स्यामजू श्रीकृष्ण; खेलत-खेलते हुए, पग-पैर, पैंजनि-पायल; पीरी-पीली; कछोटी-कच्छा; बिलोकत-देखते हैं; वारत-न्योछावर; काम-कामदेव; […]
सवैये, कवित्त -पद्यांशों की सन्दर्भ-सहित व्याख्या | UP Board Class 10 Read More »

