अशोक नगर, दिल्ली।
दिनांक : ____________
प्रिय मित्र रोहित,
सप्रेम नमस्कार।
आशा है कि तुम स्वस्थ और प्रसन्न होगे। तुम्हारा पत्र प्राप्त हुआ। तुमने मुझसे शहर के जीवन के बारे में पूछाः था, इसलिए आज मैं तुम्हें यहाँ के जीवन का वर्णन लिख रहा हूँ।
शहर का जीवन बहुत तेज और व्यस्त होता है। यहाँ चारों ओर बड़ी-बड़ी इमारतें, चौड़ी सड़कें, बाजार और अनेक प्रकार की सुविधाएँ देखने को मिलती हैं। शिक्षा, चिकित्सा, यातायात तथा मनोरंजन के अच्छे साधन उपलब्ध होते हैं। लोग अपने काम में इतने व्यस्त रहते हैं कि उन्हें अधिक समय नहीं मिल पाता। शहर में जीवन सुविधाजनक तो है, लेकिन यहाँ बहुत भीड़-भाड़ और प्रदूषण भी है। वाहनों की अधिक संख्या के कारण शोर और धुएँ की समस्या बनी रहती है। फिर भी लोग अपने सपनों को पूरा करने के लिए शहरों में रहना पसंद करते हैं।
मुझे यहाँ बहुत कुछ सीखने को मिल रहा है। आशा है कि तुम्हें मेरा यह पत्र पसंद आएगा। अपने माता-पिता को मेरा प्रणाम कहना।
तुम्हारा प्रिय मित्र,
