रामनगर, हरिद्वार।
दिनांक : ____________
प्रिय मित्र मोहन,
सप्रेम नमस्कार।
आशा है कि तुम स्वस्थ और प्रसन्न होगे। इस समय मैं अपने गाँव में हूँ और यहाँ का जीवन देखकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। इसलिए मैंने सोचा कि तुम्हें भी गाँव के जीवन के बारे में लिखूँ।
गाँव का वातावरण बहुत शांत और प्राकृतिक होता है। चारों ओर हरियाली, खेत, पेड़-पौधे और स्वच्छ हवा मन को आनंदित कर देते हैं। यहाँ के लोग सरल, मेहनती और आपस में प्रेमभाव से रहते हैं। सुबह पक्षियों की मधुर आवाज सुनाई देती है और लोग जल्दी उठकर अपने कार्यों में लग जाते हैं।
गाँव में शहर जैसी भीड़-भाड़ और प्रदूषण नहीं है। यहाँ का जीवन सादा और सुखद होता है। शाम के समय बच्चे खेलते हैं तथा बड़े लोग आपस में बैठकर बातचीत करते हैं। मुझे गाँव का जीवन बहुत पसंद आया।
आशा है कि कभी तुम भी मेरे गाँव आओगे और यहाँ के सुंदर वातावरण का आनंद लोगे। अपने माता-पिता को मेरा प्रणाम कहना।
तुम्हारा प्रिय मित्र,
