भ्रष्टाचार पर संपादक को पत्र | Bhrashtachar Par Sampadak Ko Patra

सेवा में,
संपादक महोदय,
________ समाचार-पत्र,
________ नगर।

विषय : बढ़ते भ्रष्टाचार की समस्या के संबंध में।

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महोदय,

सविनय निवेदन है कि हमारे समाज में भ्रष्टाचार दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। सरकारी कार्यालयों में छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी लोगों को रिश्वत देनी पड़ती है। इससे आम जनता को बहुत परेशानी होती है।

भ्रष्टाचार के कारण देश की प्रगति प्रभावित हो रही है तथा ईमानदार लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यदि समय रहते इस समस्या पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो यह समाज के लिए बहुत हानिकारक सिद्ध होगी।

अतः आपके माध्यम से सरकार एवं प्रशासन से अनुरोध है कि भ्रष्टाचार रोकने के लिए कठोर कदम उठाए जाएँ तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाए।

धन्यवाद।

भवदीय,
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